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🌼 शारदीय नवरात्रि 🌼

॥ ॐ श्री परमात्मने नमः ॥

🚩 शारदीय नवरात्रि 2025 🚩

शारदीय नवरात्रि के बारे में(About Shardiya Navratri)

                       हिंदू धर्म में देवी-देवताओं और त्योहारों का विशेष महत्व होता हैनवरात्रि(Navratri) का त्योहार भी ऐसे ही खास अवसरों में से एक हैनवरात्रि के त्योहार में नौ दिनों तक लगातार मां दुर्गा(Maa Durga) के नौ रूपों की पूजा की जाती हैसाल में चार बार नवरात्रि का त्योहार आता हैऐसा बहुत कम लोग जानते हैं कि चैत्र (वासंती नवरात्रि) और शारदीय नवरात्रि (अश्विन नवरात्रि) के अलावा दो गुप्त नवरात्रि (माघ/आषाढ़ नवरात्रि) भी आती हैंहालांकि इसमें सबसे ज्यादा महत्व शारदीय नवरात्रि (shardiya navratri) का होता हैयह अश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती हैइस विशेष पर्व पर मां के सभी भक्त पूरे नौ दिनों तक माता की पूजा करते हैं, उपवास(fast) रखते हैं और नौवें दिन कन्या पूजन करते हैंइन नौ दिनों में मां दुर्गा अपने सभी भक्तों की प्रार्थना सुनती हैं और भक्तों को अपना आशीर्वाद प्रदान करती हैं।   

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🕰️ Sharadiya Navratri Ghatasthapana 2025 Date & Time:📅

अश्विन घटस्थापना  – सोमवार, 22 सितंबर 2025 को 

घटस्थापना मुहूर्त – प्रातः 06:27 बजे से प्रातः 08:17 बजे तक 

अवधि – 01 घंटा 50 मिनट 

घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:07 बजे से 12:55 बजे तक 

अवधि – 00 घंटे 49 मिनट 

घटस्थापना मुहूर्त प्रतिपदा तिथि को पड़ता है 

घटस्थापना मुहूर्त द्वि-स्वभाव कन्या लग्न के दौरान पड़ता है 

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – 22 सितंबर 2025 को प्रातः 01:23 बजे से 

प्रतिपदा तिथि समाप्त – 23 सितंबर 2025 को प्रातः 02:55 बजे 

कन्या लग्न प्रारंभ – 22 सितंबर 2025 को प्रातः 06:27 बजे से 

कन्या लग्न समाप्त – 22 सितंबर को प्रातः 08:17 बजे, 2025 

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🍀 शारदीय नवरात्रि का महत्व(Significance of  Sharadiya Navratri):🍀

                  शारदीय नवरात्रि(Sharadiya Navratri) को महानवरात्रि या अश्विन नवरात्रि(Ashwin Navratri) के रूप में भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जब भगवान राम, माता सीता और अपने भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल के लिए वनवास गए थे, तो वहां रावण ने धोखे से माता सीता का हरण कर लिया था। इसके बाद भगवान राम ने माता सीता की रक्षा के लिए रावण से युद्ध किया और उस पर विजय प्राप्त की। तभी से इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाने लगा।  

 
                इसके पीछे एक और पौराणिक कथा भी मौजूद है। जिसके अनुसार, मां दुर्गा ने नौ दिनों तक दुष्ट राक्षस महिसासुर(demon Mahisasur) से युद्ध किया था और दसवें दिन उसे पराजित किया था। इसलिए लगातार नौ दिनों तक भक्त माता की उपासना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस समय पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा(Maa Durga) की पूजा करने से आपके सभी कष्ट दूर हो सकते हैं और आप एक समृद्ध जीवन की शुरुआत कर सकते हैं। 

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🌻 शारदीय नवरात्रि पूजा और कलश स्थापना विधि(Sharadiya Navratri Puja and Kalash Sthapana Vidhi) 🌻 

  
  • सबसे पहले सुबह उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और साफ़ वस्त्र पहनें। 

  • पूरे घर को शुद्ध करने के बाद मुख्य द्वार की चौखट पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
     
  • पूजा के स्थान को साफ करें और गंगाजल से पवित्र कर लें।  

  • अब वहां चौकी लगाएं और माता की प्रतिमा स्थापित करें।  

  • दुर्गा मां और गणेश जी का नाम लें।
      
  • इसके बाद उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में कलश की स्थापना करें।  

  • कलश स्थापना के लिए पहले एक मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं। फिर एक तांबे के कलश में पानी और गंगाजल डालें। 
     
  • कलश पर कलावा बांधें और आम के पत्तों के साथ उसे सजाएं। इसके बाद उसमें दूब, अक्षत और सुपारी डालें।
      
  • उसी कलश पर चुनरी और मौली बांध कर एक नारियल रख दें। 
      
  • सामग्री का उपयोग करते हुए विधि- विधान से मां दुर्गा का पूजन करें।  

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।  

  • अंत में मां दुर्गा की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।   

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🍀 शारदीय नवरात्रि पूजा सामग्री(Sharadiya Navratri Puja Samagri)
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                     शारदीय
नवरात्रि में दुर्गा मां के अलग-अलग रूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती हैपूजा सामग्री के रूप में कुमकुम(kumkum), फूल(flowers), देवी की मूर्ती या फोटो(idol or photo of the goddess), जल से भरा कलश(urn filled with water), मिट्टी का बर्तन(earthen pot), जौ(barley), लाल चुनरी(red chunari), लाल वस्त्र(red cloth), मौली(mauli), नारियल(coconut), साफ चावल(clean rice), पान(betel leaf), सुपारी(betel nut), लौंग(cloves), इलायची(cardamom), बताशे या मिसरी(batasha or sugar candy), कपूर(camphor), श्रृंगार का सामान(makeup items), दीपक(lamp), घी / तेल(ghee/oil), धूप(incense), फल-मिठाई(fruits-sweets)कलावा(Kalawa) आदि शामिल है 

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💐 नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के कितने रूपों की पूजा की जाती है(How many forms of Maa Durga are worshipped during Navratri)? 
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                       शारदीय नवरात्रि में देवी दुर्गा की शक्ति के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती हैनवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री(Shailaputri), दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी(Brahmacharini), तीसरे दिन चंद्रघंटा(Chandraghanta), चौथे दिन कूष्मांडा(Kushmanda), पांचवे दिन स्कंदमाता(Skandamata), छठवें दिन कात्यायनी(Katyayani), सातवें दिन कालरात्रि(Kalratri), आठवें दिन महागौरी(Mahagauri), और नौवें दिन सिद्धिदात्री(Siddhidatri) की उपासना की जाती हैशारदीय नवरात्रि, मां दुर्गा द्वारा राक्षस महिसासुर के वध और भगवान राम की रावण पर विजय के रूप में मनाई जाती है  

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🙏 चैत्र और शारदीय नवरात्रि में क्या अंतर होता है(
What is the difference between Chaitra and Sharadiya Navratri)?🙏


                    चैत्र और शारदीय नवरात्रि दो प्रमुख हिन्दू त्योहार हैं, जो भारत में विशेष धार्मिक महत्व रखते हैंहर साल चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर) मास में मनाए जाते हैंइस प्रकार चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में मनाई जाती है, जबकि शारदीय नवरात्रि शरद ऋतु के आगमन को दर्शाती हैचैत्र नवरात्रि के दौरान, हम नौ दिनों तक मां दुर्गा(Maa Durga) के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैंफिर, नौवें दिन, राम नवमी मनाते हैंवहीं शारदीय नवरात्रि में हम दुर्गा महानवमी(Mahanavami) और विजयदशमी(Vijayadashami) के साथ नवरात्रों का समापन करते हैं 

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🌻 नवरात्रि के नौ दिन किस रंग के कपड़े पहनें(What color clothes should you wear on the nine days of Navratri)? 🌻 

 
                   नवरात्रि के त्योहार में रंगों का भी विशेष महत्व होता है। इन नौ दिनों के लिए नौ अलग-अलग रंगों को चुना जाता है। अगर आप नौ दिनों तक इन रंगों को पहनते हैं और देवी मां की पूजा करते हैं तो यह आपको बेहद शुभ परिणाम देता है। आइए जानते हैं किस दिन कौन-सा रंग आपके लिए शुभ होगा?  

  
पहले दिन(First day)– साल 2025 में नवरात्रि के पहले दिन आपको नारंगी(orange) रंग के कपड़े पहनने चाहिए। नारंगी रंग को पहन कर पूजा करने से आपको बहुत सकारात्मक(positive) महसूस होगा।   

  
दूसरे दिन(Second day)– इस दिन सफ़ेद(white) रंग के वस्त्र धारण करें। यह रंग आपको आत्मशांति और बेहतर महसूस करवाने में सहयोग करेगा।  

  
तीसरे दिन(Third day)– नवरात्रि के तीसरे दिन लाल(red) रंग को दिनचर्या में जरूर शामिल करें। आप इस रंग का प्रयोग माता की पूजा के लिए भी कर सकते हैं क्योंकि लाल रंग माता को अतिप्रिय होता है।   

  
चौथे दिन(Fourth day)- गहरा नीला(green) रंग नवरात्रि के चौथे दिन सबसे शुभ रहेगा। नीला रंग समृद्धि और शान्ति(prosperity and peace) लाता है। इस रंग के वस्त्र पहनें और माता का ध्यान करें।  

 
पांचवे दिन(Fifth day)– पीले(yellow) रंग के कपड़े पहनने से आप खुश और सकारात्मक महसूस कर सकते हैं। पीला एक नर्म और मन को खुशी देने वाला रंग है। यह आपका दिन अच्छा बनाएगा। 

 
छठवें दिन(Sixth day)- नवरात्रि के छठवें दिन हरा(green) रंग पहनें। हरा रंग प्रकृति से जुड़ा होता है, यह सभी चीज़ों के फलदायी(fruitful), शांतिपूर्ण(peaceful) और स्थिर(stable) होने का संकेत देता है। देवी की प्रार्थना करते समय हरा रंग पहनना, आपको शांति महसूस करवा सकता है।  

  
सातवें दिन(Seventh day)- इस दिन स्लेटी(grey) रंग पहनें। यह आपकी सोच को संतुलित करने में मदद करेगा। इसकी ऊर्जा(energy) से आप अधिक व्यावहारिक हो सकते हैं। 

  
आठवें दिन(Eighth day)- नवदुर्गा पूजा के दौरान आठवें दिन बैंगनी( purple) रंग का उपयोग करें। इससे आपको समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है। इसलिए, अगर आप देवी मां का आशीर्वाद(blessings) चाहते हैं, तो यह रंग अवश्य चुनें। 

  
नौवें दिन(Nineth day)- नवरात्रि के नौवें दिन आपको मोर वाला हरा(peacock green) रंग पहनना चाहिए। यह हरे और नीले रंग से मिलकर बनता है। यह रंग समृद्धि से जुड़ा होता है


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Mantras of  Shardiya Navratri:
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Maa Shailputri Puja Mantra

 

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥ 

Om Devi Shailputryai Namah. 

  
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।

वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ 

 

Vande Vanchitlabhay Chandrardhakrit Shekharam.
Vrusharudham shuldhram shailputri yashsvanim. 

  
Maa Brahmacharinya Puja Mantra

  
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ 

Om Devi Brahmacharinya Namah. 

 
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ 

 

Dadhana kar Padmabhyamkshamala kamandalu.
Devi Prasidatu Mayi Brahmacharinyanuttama॥ 

  
Maa Chandraghanta Puja Mantra

 

ॐ एं ह्रीं क्लीं ।

Om En Hreem Kleem. 

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता ।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता ॥ 

 

Pindjapravararudha chandakopastrakaryuta.
Prasadam tanute mahyam chandraghanteti vishruta. 

  
Maa Chandraghanta Puja Mantra 

  
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ 

Om Devi Kushmandayai Namah. 

 

सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ 

 

Surasampoorna Kalashna Rudhiraplutmeva Ch.
Dadhana Hastapadmaabhyam Kushmanda Shubhadaastu me. 

  
Goddess Skandmata Puja Mantra 

  

ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ 

Om Devi Skanda Matayai Namah. 

 

सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ 

 

Simhasanagata Nityam Padmanchit Kardvaya.
Shubhdastu sada  Skandmata Yashaswini. 

  
 Maa Katyayani Puja Mantra 

 

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥ 

Om Devi Katyayanyai Namah. 

 

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥ 

 

Chandrahasojjwalkara shardulvarvahana.
Katyayani Shubham Dadyad Devi Danav Ghatini॥ 

  
Maa Kalratri Puja Mantra

 
ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:॥ 

Om Ain Hreem Kleem Chamundayai Vicchai Om Kalratri Daivye Namah. 

 
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥ 

 

Ekveni Japakaranpura nagna khrasthila.
Lamboshthi Karnikakarni tailabhkat sharirini.
Vampadollsalloh Latakantakabhushana.
Vardhan Murdhadhwaja Krishna Kalratribhayankari. 

  
Maa Mahagauri Puja Mantra 
 

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ 

Om Devi Mahagauriai Namah. 

 

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥ 

 

Shwete Vrishesmarudha Shwetambardhara Shuchih.
Mahagauri Shubham Dadyanmahadev Pramodada॥ 

 
Mantra of Maa Siddhidatri 

 

ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥ 

Om Devi Siddhidatrya Namah. 

 

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥ 

 

Siddha Gandharva Yakshadyairsurairamairaripi.
Sevyamana always bhuyat siddhida siddhidayini. 

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💐निष्कर्ष(Conclusion): 💐

              

                 शारदीय नवरात्रि 2025 आध्यात्मिक जागृति( spiritual awakening), भक्ति(devotion) और उत्सव(celebration) का समय होगाइस पर्व को आस्था और समर्पण के साथ मनाकर, भक्त समृद्धि, सुख और विघ्नों के निवारण का आशीर्वाद प्राप्त करते हैंयह नवरात्रि आपके जीवन में शांति, सकारात्मकता और ईश्वरीय कृपा लेकर आए! 

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